आधा ‘न्’ या ‘म्’ के बदले अनुस्वार

धीरेंद्र प्रताप सिंह

हिंदी भाषा में आधा ‘न्’ या ‘म्’ के बदले अनुस्वार या कहें बिंदी का प्रयोग धड़ल्ले से होने लगा है, लेकिन इसके प्रयोग में पर्याप्त सावधानी रखने की ज़रूरत है. अभी हिंदी की एक चर्चित लेखिका ममता कालिया का लिखा हिंदवी वेबपोर्टल पर प्रकाशित एक वाक्यांश देखा. वाक्यांश है, “एकांत में जो भी तंमयता पति-पत्नी के बीच जन्म लेती, दिन के उजाले में उसकी गर्दन मरोड़ दी जाती.” (बोलने वाली औरत: ममता कालिया). इस वाक्यांश में ‘तन्मयता’ को ‘तंमयता’ लिखा गया गया था. जो कि पूरी तरह गलत है. दरअसल, आधा ‘न्’ या ‘म्’, अनुस्वार यानी बिंदी में तभी परिवर्तित होगा, जब वह अपने वर्ग के शब्दों के साथ आयेगा.

हिंदी वर्णमाला में स्वर, अनुस्वार, अनुनासिक के अलावा व्यंजनों में वर्गीय दृष्टि से स्पर्श व्यंजनों की संख्या 5 वर्गों में बांटकर कुल 25 बताई गई है, जिन्हें पंचमाक्षर कहा जाता है. अंतस्थ, ऊष्म, संयुक्त और द्विगुण वर्ण भी व्यंजन के ही अंतर्गत आते हैं. लेकिन, इन वर्गों में पंचमाक्षर नहीं केवल चार वर्ण ही होते हैं. द्विगुण वर्ग में केवल दो ही वर्ण होते हैं. व्यंजनों में वर्गीय दृष्टि से स्पर्श व्यंजन के पंचमाक्षर इस प्रकार बताए गए हैं-

क वर्ग – क, ख, ग, घ, ङ

च वर्ग‌ – च, छ, ज, झ, ञ

ट वर्ग – ट, ठ, ड, ढ, ण

त वर्ग – त, थ, द‌, ध, न

प वर्ग – प, फ, ब, भ, म

तो कहना यह है कि आधा ‘न्’ यदि ‘त’ वर्ग और आधा ‘म्’ यदि ‘प’ वर्ग के शब्दों के साथ जुड़ा है, तभी वह अनुस्वार में परिवर्तित होगा. उदाहरण के लिए –

गान्धी = गांधी

शैलेन्द्र = शैलेंद्र

धीरेन्द्र = धीरेंद्र

सम्पूर्ण = संपूर्ण

‘गान्धी’, ‘शैलेन्द्र’, ‘धीरेन्द्र’ आदि में आधा ‘न्’, ‘ध’ एवं ‘द’ के साथ आया है और ‘न्’, ‘ध’ एवं ‘द’ तीनों ‘त’ वर्ग के शब्द हैं, इसलिए इन शब्दों के साथ आधा ‘न्’ की जगह अनुस्वार या बिंदी का प्रयोग किया जा सकता है. ‘सम्पूर्ण’ में आधा ‘म्’ प वर्ग के साथ जुड़ा है, इसलिए यहां आधा ‘म्’ की जगह ‘स’ पर अनुस्वार यानी बिंदी का प्रयोग किया जा सकता है. ‘तन्मयता’ में आधा ‘न्’, ‘म’ के साथ जुड़ा है और ‘म’, ‘प’ वर्ग का है, इसलिए यहां आधा ‘न्’ को अनुस्वार में नहीं बदला जा सकता.

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि आधे वर्णों के लिए अनुस्वार का प्रयोग केवल स्पर्श व्यंजन यानी पंचमाक्षर वर्गों के वर्णों के साथ ही किया जाता है. यद्दपि इसके अलावा एक परिस्थिति में और आधे अक्षर को अनुस्वार में बदला जा सकता है, वह यह कि यदि किसी शब्द का अंतिम वर्ण आधा हो तो उसको अनुस्वार में बदला जा सकता है। उसके लिए कोई ज़रूरी नहीं कि वह शब्द अपने पंचमाक्षर वर्ग का ही हो। जैसे, स्वयम्‌ = स्वयं.

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