व्हाइट रिबन कैंपेन: एक सार्थक आयोजन

रिपोर्ट: जसबीर सिंह

सम्मानजनक / गरिमापूर्ण रिश्तों और महिलाओं के साथ हिंसा के विरुद्ध (Respectful Relationships and No Violence Against Women) जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की दिशा में एक सार्थक कार्यक्रम का आयोजन न्यूज़ीलैंड चंडीगढ़ क्लब द्वारा 26 नवंबर 2022 को आकलैंड में किया गया.


इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चार व्हाइट रिबन एम्बेस्डर थे – Jagjit Singh, (Honorary Consulate Of Georgia In New Zealand), Sister Namulau’ulu Anne Singh, Raj Bedi और Harjit Singh. इन सभी के सम्बोधनों के अतिरिक्त सभा के सामने Inspector Jessica Phuang, Fuli ForManukau, Irvinder Kaur और पहचान की प्रधान संपादक Preeta Vyas ने भी अपने विचार रखे.

मुझे मजाज़ लखनवी की ग़ज़ल दुहराने की इच्छा हो रही है –

हिजाब ऐ फ़ितनापरवर अब उठा लेती तो अच्छा था,
खुद अपने हुस्न को परदा बना लेती तो अच्छा था.
तेरी नीची नज़र खुद तेरी अस्मत की मुहाफ़िज़ है,
तू इस नश्तर की तेज़ी आजमा लेती तो अच्छा था.
तेरी चीने ज़बी ख़ुद इक सज़ा कानूने-फ़ितरत में,
इसी शमशीर से कारे-सज़ा लेती तो अच्छा था.
ये तेरा जर्द रुख, ये खुश्क लब, ये वहम, ये वहशत,
तू अपने सर से ये बादल हटा लेती तो अच्छा था.
दिले मजरूह को मजरूहतर करने से क्या हासिल,
तू आँसू पोंछ कर अब मुस्कुरा लेती तो अच्छा था.
तेरे माथे का टीका मर्द की किस्मत का तारा है,
अगर तू साजे बेदारी उठा लेती तो अच्छा था.
तेरे माथे पे ये आँचल बहुत ही खूब है लेकिन,
तू इस आँचल से एक परचम बना लेती तो अच्छा था.


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