Pehachaan पहचान

Author: Pehachaan

  • Understanding the Climate Crisis: Why It Matters in 2025

    Understanding the Climate Crisis: Why It Matters in 2025

    (Priya Bhardwaj) Climate change is one of the biggest issues facing the world today. In 2025, we are seeing the effects more clearly than ever before, and…

  • नेपाली और हिंदी की जननी एक ही संस्कृत

    नेपाली और हिंदी की जननी एक ही संस्कृत

    (काठमांडू से किरण बाला ‘किरन’):  हिंदी भारत ही नहीं नेपाल की भी भाषा है. फ्रेंच, अंग्रेजी, जर्मनी, चाइनीज़, अरेबिक के बाद सबसे अधिक व्यापक और प्रभावशाली भाषा…

  • छुईमुई

    छुईमुई

    (त्रिलोक सिंह ठकुरेला): सबके जीवन को महकाते प्यारे और निराले फूल.

  • प्यारे और निराले फूल

    प्यारे और निराले फूल

    (त्रिलोक सिंह ठकुरेला): सबके जीवन को महकाते प्यारे और निराले फूल.

  • ”जीवन”

    ”जीवन”

    (तूलिका गणपति मिश्रा): तरसें उससे पहले जी लें, ज़िन्दगी को अर्थ एक दे दें

  • गणपति

    गणपति

    (तूलिका गणपति मिश्रा): हे गणपति, देती आमंत्रण झुकाकर शीश, पधारो घर देने आशीष

  • तुम हो

    तुम हो

    (कमल जीत चौधरी): तुम हो तो कागज़ के शहर में भी फूलोत्सव है,

  • अंतिम ईंट

    अंतिम ईंट

    (कमल जीत चौधरी): अपनी ऊंची बस्ती में, अपने से कम रन्दों वाले

  • एक पीपल के न रहने पर

    एक पीपल के न रहने पर

    (माया मृग): मैं पीपल हूं कब से हूं, पता नहीं

  • चार ग़ज़लें

    चार ग़ज़लें

    (अना क़ासमी): आज पहली बार बेटी ने पकाई रोटियां. टेढ़ी-मेढ़ी मोटी पतलीं कच्ची पक्की रोटियां.

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