Author: Pehachaan
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चार ग़ज़लें
(अतुल अजनबी): हवा सी, आग सी, पानी सी, धूप सी गुज़री. हर इम्तिहां से यहां अपनी ज़िन्दगी गुज़री.
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देवी पूजा का इतिहास
(रजेन्द्र रंजन चतुर्वेदी): आचार्य कुबेरनाथ राय ने देवी-पूजा को केन्द्र में रख कर तीन महत्त्वपूर्ण शोध निबन्ध लिखे थे जो श्री गुलजारीलालनन्दा के मानवधर्ममिशन के पत्र नवजीवनपथ…
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रामदरश मिश्र: एक युग
(डॉ. अनिता कपूर (कैलिफोर्निया, अमेरिका)): साहित्य की कोई उम्र नहीं पर जो साहित्य एक युगपुरुष साहित्यकार के साथ चला हो, उनकी लेखनी से निकला हो, वो एक…
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सरप्राइज़
(रवि ऋषि): नन्हा बंटी अब दो साल का होने को आया था. ऋतिक और रानी दोनों सुबह जल्दी काम पर निकलते थे सो नन्हे बंटी को घर…
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नवरात्रि, नवमी और पेट में खाद्य विस्फोट
(पल्लवी त्रिवेदी): “क्या मम्मी सुबह सात बजे से नहला दिया और सोना था ना अभी.” घर के बाहर चिड़ियां चहचहाती और घर के भीतर हम चिड़चिड़ाते.





