Category: Litreature Article
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हिंदी की उदारता ही उसकी ताकत है
(बाबूलाल दाहिया) – मुझे भोपाल के एक होटल से रानी कमला पति स्टेशन आना था. आटो वाले ने पूछा तो रानी कमलापति नाम ही भूल गया अस्तु…
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खरीदारी की लत एक समस्या
(प्रीता व्यास) – एक वक़्त था जब लोग बिना ज़रुरत बाज़ार नहीं जाते थे. मुझे याद है मेरी दादीमां महीने में केवल एक बार सौदा लेने बाजार…
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साहित्य और स्त्री सशक्तिकरण
(तूलिका मिश्र) – फ़रवरी के प्रेम से सराबोर मलयांचल बयारों के बाद आता है मार्च का महीना– महिलाओं का महीना, महिला सशक्तिकरण का सांकेतिक महीना. आज जब…
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उत्तरैणिक कौथिक
(भूपेंद्र बिष्ट) – ज्योतिष शास्त्र 12 राशियों में मेष, कर्क, तुला तथा मकर को ज्यादा अहम आंकता है.
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आधा ‘न्’ या ‘म्’ के बदले अनुस्वार
(धीरेंद्र प्रताप सिंह): हिंदी भाषा में आधा ‘न्’ या ‘म्’ के बदले अनुस्वार या कहें बिंदी का प्रयोग धड़ल्ले से होने लगा है, लेकिन इसके प्रयोग में…
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भारत की संस्कृति से भिन्न है अमेरिका का महिला अधिकार दिवस
(पंकज चतुर्वेदी) : अमेरिका में लोकतंत्र का प्रारंभ पहले राष्ट्रपति की नियुक्ति अर्थात सन 1781 से माना जाता है, लेकिन विडंबना है कि खुद को अत्याधुनिक कहने…
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क्या विंध्य की कोलारियन और झारखंड की मुंडारी संस्कृति में कोई साम्य है?
(बाबूलाल दाहिया) जिस प्रकार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत शोरेन ने बड़े-बड़े धुरंधर राजनीतिज्ञों के तरह-तरह के फरेबों को धूल चटा कर अपने स्वयं के
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पृथ्वी पर रहने का किराया
(शरद कोकास): सही-सही बताइये, क्या आपके मन में कभी यह ख़्याल आया है कि अगर हमें पृथ्वी पर रहने का किराया देना होता तो क्या होता?आप सोच…
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वसंत पंचमी: प्रकृति के परिवर्तन की आहट
(प्रवीणा त्रिपाठी): जब शीतलता घटने लगती है और ताप प्रबल हो जाता है, जब आम्र मंजरियां गुच्छों में अमराई सजाने लगती हैं, जब पुष्प-पुष्प से श्याम भ्रमर…

