Category: Story
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पूर्ण सत्य
(पूर्ण सत्य के बारे में एक कहानी है ये. अमृता प्रीतम के उपन्यास “यह सच है ” में उन्होंने ये कहानी लिखी है. एक चेक कहानी बताते हुए. उषा वर्मा द्वारा उद्धृत.)
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सरप्राइज़
(रवि ऋषि): नन्हा बंटी अब दो साल का होने को आया था. ऋतिक और रानी दोनों सुबह जल्दी काम पर निकलते थे सो नन्हे बंटी को घर…
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कमरे में चांद
(निवेदिता भावसार): रात थी.गहरी सी. नींद बस पलकों पर ही थी. सांसें अपनी रिदम से चल रही थीं के अचानक ज़ोर की
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मुट्ठी भर प्यार
(सुधा गोयल) : धरा मम्मी गुजर गयीं. पापा के कहने पर मैंने तुम्हें सूचना दे दी है. मैं निकल रही हूं अभी